गर्मी क्या बढ़ी, साबुन की बट्टी की तरह AC खरीद रहे हैं लोग, देख लीजिए ये आंकड़े

Updated on 07-06-2024 01:25 PM
नई दिल्ली: उत्तर भारत में इस बार कुछ दिनों के लिए पारा 50 डिग्री सेल्सियस के करीब क्या पहुंचा, एयर कंडीशनर (Air Conditioner) या एसी बनाने वालों की मौज हो गई। हर शहर में एसी की इस तरह से बिक्री होने लगी जैसे साबुन की बट्टी बिक रही हो। कई शहरों से तो खबर आई कि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास स्टॉक ही नहीं है। अब तो इस इंडस्ट्री की तरफ से आंकड़ों के रुझान भी आ गए हैं। इसमें कहा गया है कि इस साल एसी की रिकार्ड बिक्री हो रही है। साल के अंत तक यह आंकड़ा 14 मिलियन यानी कि एक करोड़ 40 लाख यूनिट एसी बिक जाएंगे।

हैरान कर देंगे बिक्री का आंकड़ा

देश में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज बनाने वालों का एक संगठन है कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CEAMA)। इसी संगठन के अध्यक्ष सुनील वाचानी ने पीटीआई को बताया कि इस साल प्रचंड गर्मी के कारण देश भर में रूम एयर कंडीशनर की मांग बढ़ गई है। इससे एसी के लगभग 14 मिलियन यूनिट की रिकॉर्ड वार्षिक बिक्री की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बीते मई में एयर कंडीशनर की बिक्री के लिए "रिकॉर्ड तोड़ने वाले आंकड़े" मिले थे। स्थिति यह है कि इस साल सिर्फ गर्मी में ही पूरी इंडस्ट्री के वॉल्यूम में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। Haier Appliances India के NS Satish ने बताया कि इस साल अप्रैल से मई के बीच एसी की बिक्री 103 फीसदी तो रेफ्रिजरेटर की बिक्री 30 फीसदी बढ़ी है।


एनर्जी एफिशिएंट मॉडल ने राह आसान की

वाचानी का कहना है कि भारतीय एसी बाजार भी एनर्जी एफिशिएंट मॉडलों से पटा पड़ा है। इस वजह से एक ऐसा बाजार विकसित हो रहा है जो सभी आय वर्ग के लिए उपयुक्त हैं। यही नहीं एसी बनाने वाली कंपनियां यहीं मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगा रही हैं। अब एसी के कंपोनेंट भी यहीं बनने लगे हैं। इससे एसी के दाम भी घटाने में मदद मिला है। साथ ही बढ़ते तापमान और गर्मी की लहरों ने अब शहरी क्षेत्रों में घरों के लिए एसी को "अनिवार्य आवश्यकता" बना दिया है।

घरों में लगने वाले एसी का बाजार तेजी से बढ़ा

भारत में कुछ ही साल पहले के आंकड़े देखें तो घरों में लगने वाले मतलब कि रेसिडेंसियल एसी कम बिकते थे। ज्यादातर दफ्तरों में लगने वाले कामर्शियल एसी और उद्योग जगत में लगने वाले इंडस्ट्रियल एसी बिकते थे। लेकिन अब रेसिडेंसियल एसी की तेज बिक्री हो रही है। इसी साल का आंकड़ा देखिए तो साल भर में कुल 14 मिलियन एसी की बिक्री की उम्मीद है। इनमें से 10 से 11 मिलियन रेसिडेंसियल एसी होंगे।


किस ब्रांड के ज्यादा बिक रहे हैं

भारतीय एसी बाजार में काफी कंपनियां प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इनमें वोल्टास, एलजी, हिताची जॉनसन, लॉयड, पैनासोनिक, डाइकिन और गोदरेज जैसे ब्रांड पर लोग ज्यादा भरोस कर रहे हैं। वाचानी का कहना है कि इस साल गर्मी ने सारा रिकार्ड तोड़ दिया। इससे बाजार में कूलिंग सॉल्यूशन देने वाले प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी है। मतलब कि सिर्फ एसी ही नहीं, कूलर और पंखों की बिक्री भी बढ़ी है।

बाजार मे किस तरह के एसी की मांग

उनका कहना है कि अब तो ग्राहक एनर्जी एफिशिएंट एसी की ही मांग करते हैं। एक डीलर का कहना है कि जिस तरह से बिजली महंगी हो गई है, लोग चाहते हैं कि कम बिजली खाने वाला एसी खरीदा जाए। भले ही अभी कुछ पैसे ज्यादा खर्च करने हों। इसलिए औसतन ग्राहक फाइव स्टार एसी ही खरीद कर जाते हैं। उनका कहना है कि इन दिनों ग्राहक एनर्जी एफिशिएंट के साथ-साथ स्मार्ट और हाई क्वालिटी प्रोडक्ट खरीदना चाहते हैं। ताकि एक बार खरीदें तो कम से कम एक दशक तो काम करे ही।

क्या है एसी कूलर की कीमत

इस समय एसी की कीमत स्टार रेटिंग और क्षमता मतलब कि कितने टन का है, उससे तय होती है। साथ ही विंडो एसी की कीमत स्प्लिट से कम होती है। बाजार में आपको करीब 20 हजार रुपये में आपके मतलब का एसी मिल जाएगा। यदि किसी नामी कंपनी का डेढ़ टन वाला स्प्लिट एसी लेंगे तो यह आपको 30 से 35 हजार रुपये में मिल जाएगा। कोई कंपनी 50 हजार रुपये में भी यह एसी बेचती है। विंडो एसी बात करें तो आपको 20 हजार रुपये से कम कीमत में भी यह मिल सकता है। बढ़िया डेजर्ट कूलर आपको करीब 10 हजार रुपये में मिल सकता है। लोकल कूलर का रेट तीन हजार रुपये से शुरू हो जाता है।

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