
इंदौर में शुक्रवार को दो लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पहला मामला विजयनगर का है। यहां एग्रीकल्चर कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारी ने सुसाइड कर लिया। दूसरा मामला भंवरकुआ का है। यहां निगमकर्मी के बेटे ने जान दे दी। वह महाराजा रणजीत सिंह कालेज में पढ़ाई कर रहा था।
विजयनगर पुलिस के मुताबिक मृतका का नाम शेलू पुत्री इद्रमणि पटेल निवासी गंगानगर है। शेलू मूल रूप से सिगरौली की रहने वाली है। यहां एक किराए के मकान में सहेली के साथ रहती थी। वह एग्रीकल्चर की कंपनी में नौकरी करती थी। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरुवार को वह कंपनी में नहीं गई थी। वह सहेली के साथ घर पर ही थी। देर शाम दोनों ने खाना खाया फिर कमरे में सोने का कहकर चली गई। जब सहेली की नींद खुली तो शेलू को फंदे पर लटके देखा। पुलिस के मुताबिक शेलू के परिवार को मामले में जानकारी दी गई है। परिवार इंदौर के लिये निकला है। सुसाइड नोट को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
रणजीत सिंह कॉलेज के छात्र ने किया सुसाइड
भंवरकुआ इलाके में रहने वाले 19 साल के मृणाल पुत्र शैलेन्द्र हार्डिया ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृणाल के पिता नगर निगम में कार्यरत हैं। वह अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। रात में मृणाल अपने कमरे में था। परिवार ने उसे आवाज दी तो उसने जबाव नहीं दिया। दरवाजा लगा होने से काफी देर तक उसे बजाया। लेकिन कमरे से आवाज नही आने पर दरवाजा तोड़ा गया। मृणाल फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस मामले में जांच कर रही है। पुलिस को मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है।