
तीन दिसंबर को रहस्य से पर्दा उठना शुरू होगा। एक-एक कर परिणामें सामने आने लगेंगे। इसे लेकर उत्सकुता देखने को मिल रही है। इस बीच राजनीतिक विश्लेषक अपने स्तर पर परिणाम का अनुमान लगाने में जुट गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले दिनों जिनके द्वारा परिणाम का अनुमान जाहिर किया गया था, वे तक मतदान के प्रतिशत के बाद नए सिरे से अनुमान की कवायद में जुट गए हैं। दरअसल, इस बार शहरी क्षेत्रों में सुस्त और ग्रामीण क्षेत्रों में चुस्त मतदान देखने को मिला। इससे राजनीतिक पंडितों के अनुमान को नया काेण मिल गया है।