आर्मीनिया ने पिनाका के बाद भारत से खरीदा 'शिकारी', अजरबैजान के ड्रोन होंगे तबाह, तुर्की को लगेगा सदमा

Updated on 08-11-2023 01:29 PM
येरेवान: अजरबैजान, तुर्की और पाकिस्‍तान की खतरनाक तिकड़ी के शिकार आर्मीनिया ने पिनाका रॉकेट सिस्‍टम के बाद भारत से अब एंटी ड्रोन सिस्‍टम खरीदा है। आर्मीनिया भारत से यह हथियार ऐसे समय पर खरीदे हैं जब वह नई दिल्‍ली से सोव‍ियत जमाने के जमाने के हथियारों को अत्‍याधुनिक बनाने के गुर सीखना चाहता है। आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच शांति वार्ता चल रही है लेकिन यह कब टूट जाए और जंग फिर से भड़क उठे, इसका डर बना हुआ है। इसी खतरे को देखते हुए भारत आर्मीनिया के खरीदे हुए हथियारों प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति कर रहा है।

यूरो एशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक आर्मीनिया ने भारत में व‍िकसित किए गए जेन एंटी ड्रोन सिस्‍टम को खरीदने का समझौता किया था। भारतीय वायु सेना ने भी साल 2021 में इसी एंटी ड्रोन सिस्‍टम को खरीदा था। भारतीय सेना ने 2.27 अरब रुपये में 20 यूनिट एंटी ड्रोन सिस्‍टम खरीदे हैं। भारतीय वायुसेना को मार्च 2024 में इस एंटी ड्रोन सिस्‍टम की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। आर्मीनिया ने हैदराबाद की कंपनी जेन टेक्‍नॉलजी को 340 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। इसमें ट्रेनिंग और एंटी ड्रोन सिस्‍टम शामिल है।

तुर्की के ड्रोन का खतरा, भारत की शरण में आर्मीनिया


रिपोर्ट के मुताबिक जेन का एंटी ड्रोन सिस्‍टम एक परखी हुई तकनीक है और इसे भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है। अब भारतीय सेना भी इसे खरीद रही है। आर्मीनिया को अहसास हो गया है कि भारतीय वायुसेना ने इसे तभी खरीदा है जब उसे लगा है कि यह तकनीक कारगर है। जेन का यह एंटी ड्रोन सिस्‍टम ड्रोन की पहचान करने, वर्गीकरण और निगरानी करने में कारगर है। यह दुश्‍मन के ड्रोन के संचार को जाम कर देता है। इससे वह या तो भटक जाता है या गिर जाता है।

यह एंटी ड्रोन सिस्‍टम कई चरणों वाले सेंसर से लैस होता है और ड्रोन हमलों के खिलाफ व्‍यापक सुरक्षा मुहैया कराता है। आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच नगर्नो कराबाख के युद्ध में पहली बार दुनिया में ड्रोन युद्ध की शुरुआत हुई थी। तुर्की के बायरकतार टीबी-2 ड्रोन ने आर्मीनिया की तोपों और टैंकों के परखच्‍चे उड़ा दिए थे। इससे आर्मीनिया को हार स्‍वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बायरकतार टीबी2 ड्रोन को तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगान के दामाद की कंपनी ने बनाया है। यह ड्रोन 4 लेजर गाइडेड मिसाइलें दागने में सक्षम है। यह करीब 12 घंटे तक हवा में रह सकता है और 900 किमी तक हमला करने में सक्षम है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.