गेनीबेन ठाकोर के बाद अब दर्द बांटने बनासकांठा पहुंचे अमित चावड़ा, कांग्रेस ने सरकार से मांगा 1000 करोड़ का पैकेज
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16-09-2025 02:50 PM
अहमदाबाद: गुजरात में इस महीने की शुरुआत में कच्छ-सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। उत्तर गुजरात के सबसे बड़े जिले बनासकांठा में किसानों के लिए आखिरी में हुई बारिश सैलाब बन गई। पाकिस्तान से सीमा साझा करने वाले इस जिले के रण समेत तमाम इलाके जलमग्न हो गए। पिछले दिनों बनासकांठा की सांसद गेनीबेन ठाकोर ने पानी में घुसकर गांवों का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी पहुंचे थे। अब गुजरात कांग्रेस के प्रमुख अमित चावड़ा ने निरीक्षण के बाद बनासकांठा के लिए 1000 करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी करने की मांग की है।
बनासकांठा में बड़ी तबाही गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा के अनुसार राज्य सरकार बनासकांठा के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 1000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रशासन ने नकद सहायता देने की बात तो की है, लेकिन एक फतवा जारी किया है कि एक परिवार के केवल 2 सदस्यों को ही नकद सहायता मिलेगी। चावड़ा ने रेगिस्तान में पानी की स्थायी निकासी के लिए नहर की व्यवस्था की मांग की है। बनासकांठा में बारिश से पूरा रण का क्षेत्र डूब गया था। जलभराव के बाद काफी पानी सरहद पार पाकिस्तान की तरफ भी गया था। चावड़ा ने मांग की है कि 7 और 8 सितंबर 2025 को बनासकांठा जिले के थराद, वाव और सुईगाम तालुकाओं में हुई भारी बारिश के कारण अचानक और भयानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। जिसके परिणामस्वरूप गांव पानी में डूब गए और हजारों लोग विस्थापित हो गए।
फसलों का बड़ा नुकसान चावड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बाढ़ से लोगों का जीवन तबाह हो गया। भारी बारिश और बाढ़ के पानी से किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं है। कई जगहों पर मिट्टी के कटाव से कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो गई। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के घर ढह गए और लोग बेघर हो गए, पानी में घर बह जाने से लोग बेघर हो गए, हजारों जानवर मर गए हैं। बनासकांठा को तुरंत मदद की जरूरत है। बाढ़ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है। इतना ही नहीं सड़कें, परिवहन और आवाजाही ठप होने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आज भी कई गांवों में कीचड़, गंदगी और तत्काल आवश्यक सुविधाओं का अभाव लोगों का जीवन दूभर कर रहा है। चाड़ा के निरीक्षण में गेनीबेन ठाकोर और बनासकांठा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुलाबसिंह राजपूत भी मौजूद रहे। बनासकांठा ने इससे पहले 2015 हो, 2017 हो, 2021 बाढ़ की त्रासदी झेली थी।
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