जी20 के बाद क्‍या संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भी होगी भारत की बादशाहत, सुधारों को कब मिलेगी मंजूरी

Updated on 28-09-2023 01:14 PM
न्‍यूयॉर्क: हाल ही में भारत ने जी20 शिखर सम्‍मेलन के साथ दुनिया की कुछ आर्थिक महाशक्तियों का मेला लगा था। इस सम्‍मेलन में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्‍थायी सदस्‍यता और इसमें सुधारों का जिक्र किया। भारत की स्‍थायी सदस्‍यता को फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और भूटान समेत कई देशों का समर्थन मिला है। भारत कब इस संगठन में स्‍थायी तौर पर शामिल होगा, इस पर अभी सस्‍पेंस है लेकिन इसके साथ ही इसमें सुधार की बातें भी होने लगी हैं। कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जिस तरह से भारत ने जी20 सम्‍मेलन में अपने वैश्विक नेतृत्‍व की क्षमता साबित की है यूएनएससी की दिशा में भी वह इस तरह से आगे बढ़ेगा।

एक साथ आए सभी देश
जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान आया घोषणापत्र यह बताता था कि भारत किस तरह से मंच पर सबको एक साथ लाने में सक्षम है। रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर सदस्‍यों में मतभेद थे लेकिन फिर भी 100 फीसदी आम सहमति बनी। जी20 के बाद इस समय न्‍यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र का आयोजन हो रहा है। जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर जो बातें कही गई थी उनमें से एक यूएनएससी सुधार और भारत को जल्द से जल्द स्थायी सदस्य के रूप में मिलने वाला स्‍थायी समर्थन था। अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन, फ्रांस के इमैनुएल मैंक्रो, अफ्रीकन यूनियन और यहां तक कि तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगन ने भी भारत को समर्थन दिया है।

क्‍यों जरूरी हैं यूएनएससी में सुधार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी यूएनएससी में तत्काल सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी कह चुके हैं कि 20वीं सदी की सोच से 21वीं सदी में दुनिया की सेवा नहीं की जा सकती है। यूएनएससी में पिछले कई सालों से सुधारों की वकालत की जा रही है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि संगठन में इस समय पांच स्‍थायी सदस्‍य हैं और ये सदस्‍य किसी भी बड़े मुद्दे पर कभी भी सहमत नहीं दिखते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध इसका सबसे ताजा उदाहरण है। वहीं, यूएनएससी में प्रतिनिधित्‍व को भी बहुत कम माना जाता है। कई सदस्‍य इससे नाराज भी रहते हैं। स्थायी सदस्यों में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका या कैरेबियन देशों से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है जबकि यूरोप के छोटे महाद्वीप में दो स्थायी सीटें हैं।

भारत की सदस्‍यता को मंजूरी!
भारत ने विकासशील दुनिया में अपना समर्थन मजबूत करते हुए खुद को ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में पेश किया है। अफ्रीकी संघ के 54 देश जी-20 में शामिल होने के लिए भारत के आभारी हैं। भारत के लिए पश्चिम और मध्य एशिया में भी पर्याप्त समर्थन है। लेकिन चीन, भारत का सबसे बड़ा विरोधी है। अधिकांश लैटिन अमेरिकी देशों की तरह आसियान देश भी स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का पुरजोर समर्थन करते हैं।

क्‍यों जरूरी हैं यूएनएससी में सुधार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी यूएनएससी में तत्काल सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी कह चुके हैं कि 20वीं सदी की सोच से 21वीं सदी में दुनिया की सेवा नहीं की जा सकती है। यूएनएससी में पिछले कई सालों से सुधारों की वकालत की जा रही है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि संगठन में इस समय पांच स्‍थायी सदस्‍य हैं और ये सदस्‍य किसी भी बड़े मुद्दे पर कभी भी सहमत नहीं दिखते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध इसका सबसे ताजा उदाहरण है। वहीं, यूएनएससी में प्रतिनिधित्‍व को भी बहुत कम माना जाता है। कई सदस्‍य इससे नाराज भी रहते हैं। स्थायी सदस्यों में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका या कैरेबियन देशों से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है जबकि यूरोप के छोटे महाद्वीप में दो स्थायी सीटें हैं।

भारत की सदस्‍यता को मंजूरी!
भारत ने विकासशील दुनिया में अपना समर्थन मजबूत करते हुए खुद को ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में पेश किया है। अफ्रीकी संघ के 54 देश जी-20 में शामिल होने के लिए भारत के आभारी हैं। भारत के लिए पश्चिम और मध्य एशिया में भी पर्याप्त समर्थन है। लेकिन चीन, भारत का सबसे बड़ा विरोधी है। अधिकांश लैटिन अमेरिकी देशों की तरह आसियान देश भी स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का पुरजोर समर्थन करते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम की निगरानी को सख्त करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कुछ एम्प्लॉयर्स,…
 19 September 2026
काबुल: अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अफगानिस्तान के अंदर सैन्य कार्रवाई की तो उसे करारा जवाब मिलेगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर समझौते का ऐलान किया है। इसके जरिए उस राजनयिक विवाद को सुलझा लेने का दावा किया गया है, जो राष्ट्रपति…
 19 September 2026
वॉशिंगटन: टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह उनका एक मुश्किल दिनचर्या का पालन करते हुए बढ़ती उम्र को रोकना और मौत को टालने…
 19 September 2026
बीजिंग: इस साल फरवरी के आखिर में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इससे पश्चिम एशिया में एक भीषण जंग छिड़ी। इस लड़ाई के कुछ ही हफ्ते बाद…
 19 September 2026
इस्लामाबाद: आज यानी शनिवार 19 सितम्बर को सिंधु जल संधि 66 साल की हो गई है। 19 सितम्बर 1960 को इस संधि पर कराची में हस्ताक्षर हुए थे। भारत और…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका का F-16 फाइटर जेट क्रैश हुआ है। गुरुवार को मिशिगन के ग्रामीण इलाके में F-16 हादसे का शिकार हुआ है। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में…
 18 September 2026
ढाका: लंदन से बांग्लादेश जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 2 यात्रियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों यात्रियों के बीच सीट को लेकर विवाद हुआ था,…
 18 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी एयरफोर्स के 14 अफसर बांग्लादेश पहुंचे हैं। ये अफसर एक विशेष फ्लाइट से ढाका पहुंचे, जिसके बाद इनको वीजा उपलब्ध कराया गया। बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से…
Advt.