विनीत ने गुड़गांव से ट्रेनमैन के सफर की शुरुआत मात्र 50 हजार रुपये की पूंजी से की। कंपनी ने पहले महीने 30000 रुपये की कमाई की। शुरुआत में ट्रेनमैन बूटस्ट्रैप्ड कंपनी थी, लेकिन जुलाई 2022 में उन्होंने 9 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया। उस वक्त में कंपनी की वैल्यूएशन 10 मिलियन यानी करीब 80 करोड़ रुपये है। अब ये कंपनी अडानी डिजिटल का हिस्सा बनने जा रही है। अडानी इस कंपनी की मदद से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेक्टर में कदम रखने जा रहे हैं। इससे पहले साल 2022 में अडानी ने फिल्पकार्ट की कंपनी ClearTrip का अधिग्रहण कर फ्लाइट और कैब बुकिंग सेक्टर में कदम रखा। अब वो ट्रेन टिकट बुकिंग सेक्टर में दबदबा बनाने जा रहे हैं।IRCTC के टेकओवर की कोई संभावना नहीं
आपको बता दें कि ट्रेनमैन आईआरसीटीसी की एक बीटूसी कंपनी है। इस समय Trainman समेत IRCTC के 32 अधिकृत बी2सी (बिजनेस टू कस्टमर) भागीदार (Principal Service Provider) हैं। ट्रेनमैन का टेकओवर या एक्विजिशन से आईआरसीटीसी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर कारोबार की बात करें तो
IRCTC से हर रोज औसतन 14.5 लाख टिकट बुक किए जाते हैं। जो कि रेलवे के कुल रिजर्व टिकट का 81 फीसदी है।
40.5 फीसदी टिकट IRCTC मोबाइल ऐप से बुक होती है।
16.2 फीसदी टिकट IRCTC की वेबसाइट से बुक होते हैं।
अब ट्रेनमैन की स्थिति देखते हैं
ट्रेन टिकट बुकिंग में ट्रेनमैन का कारोबार काफी कम है। ट्रेनमैन का आईआरसीटीसी के साथ एग्रीमेंट 16 अगस्त 2024 तक है। मौजूदा वक्त में ट्रेनमैन प्लेटफार्म से हर रोज करीब 2000 टिकट ही बुक होते हैं, जो रेलवे के कुल टिकटों के मुकाबले महज 0.137 फीसदी ही है। हलांकि अडानी का नाम जुड़ने क बाद ट्रेनमैन को पॉपुलैरिटी जरूर मिलेगी, जिसका फायदा उसे मिलेगा।