एक चिट्ठी से हिंदुजा परिवार में मचा था कोहराम, जानिए क्या था उस लेटर में

Updated on 18-05-2023 08:27 PM
नई दिल्ली: ब्रिटेन की सबसे अमीर फैमिली हिंदुजा परिवार (Hinduja Family) के मुखिया एसपी हिंदुजा का बुधवार को निधन हो गया। लेकिन उनके निधन से पहले परिवार बंटवारे के कगार पर पहुंच गया था। हिंदुजा बंधुओं के बीच अरबों डॉलर की पारिवारिक संपत्ति को लेकर ब्रिटेन के हाई कोर्ट में मामला चल रहा था। लेकिन पिछले साल उन्होंने आपस में एक गोपनीय समझौता किया था। हिंदुजा बंधुओं में सबसे बड़े श्रीचंद हिंदुजा यानी एसपी हिंदुजा ने अपने भाइयों जी पी हिंदुजा, पी पी हिंदुजा और ए पी हिंदुजा के खिलाफ केस किया था। असल में यह मामला दो जुलाई 2014 के एक पत्र की वैधता संबंधित था। इसमें कहा गया था कि परिवार का सबकुछ प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित है और कुछ भी किसी से भी संबंधित नहीं है। इस पर कानूनी विवाद नवंबर, 2019 से चल रहा था। इससे परिवार को नुकसान पहुंच रहा था। पिछले साल नवंबर में ब्रिटिश हाई कोर्ट में बताया गया कि हिंदुजा बंधुओं के बीच एक समझौता हो गया है। इसके मुताबिक यह समझौता 30 जून 2022 को हुआ था और एक जुलाई 2022 को एक सहमति आदेश दायर किया गया।


हिंदुजा परिवार के बीच झगड़े की जड़ दो जुलाई 2014 में हुआ एक समझौता था। इस पर चारों भाइयों ने हस्ताक्षर किए थे। इसमें कहा गया था कि परिवार का सबकुछ प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित है और कुछ भी किसी से भी संबंधित नहीं है। श्रीचंद हिंदुजा ने अपने भाइयों जी पी हिंदुजा, पी पी हिंदुजा और ए पी हिंदुजा के खिलाफ केस किया था। यह 2014 के समझौते की वैधता संबंधित था। इस पर कानूनी विवाद नवंबर, 2019 से चल रहा था। श्रीचंद हिंदुजा के तीन छोटे भाइयों की दलील थी कि यह चिट्ठी 100 साल से अधिक पुराने हिंदुजा ग्रुप की उत्तराधिकार योजना थी। लेकिन श्रीचंद हिंदुजा की बेटियों शानू और वीनू ने इसे चुनौती दी थी। ब्रिटेन ही नहीं यूरोप के कई देशों में हिंदुजा ब्रदर्स के बीच कानूनी जंग चल रही थी। इससे परिवार को नुकसान पहुंच रहा था।


क्यों आई दरार

हिंदुजा ग्रुप का कारोबार ट्रक बनाने से लेकर, बैंकिंग, केमिकल्स, पावर, मीडिया और हेल्थकेयर तक फैला है। ग्रुप की कंपनियों में ऑटो कंपनी अशोक लीलेंड (Ashok Leyland) और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। 14 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ हिंदुजा परिवार ब्रिटेन का सबसे अमीर परिवार है। इस ग्रुप की कंपनियों का कारोबार 38 देशों तक फैला है और उनमें 150,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। हिंदुजा ग्रुप की स्थापना 1914 में श्रीचंद परमानंद ने ब्रिटिश इंडिया में सिंध इलाके से की थी। हिंदुजा समूह कभी कमोडिटी-ट्रेडिंग फर्म हुआ करता था लेकिन श्रीचंद और उनके भाइयों ने लगातार अपने कारोबार को दूसरे क्षेत्रों में फैलाया। हिंदुजा परिवार में दरार की पहली खबर तब आई थी, जब श्रीचंद की बेटियों ने स्विट्जरलैंड में स्थित SP Hinduja Banque Privée SA पर नियंत्रण को लेकर कोर्ट में मुकदमा दायर किया। श्रीचंद की बेटी शानू इस बैंक की चेयरमैन हैं और उनके बेटे करम इसके सीईओ हैं।
हालांकि परिवार के दूसरे सदस्य भी इस बैंक पर अपना नियंत्रण चाहते थे, जिसके बाद से यह विवाद शुरू हुआ। इस विवाद ने 100 साल से भी पुराने इस कॉरपोरेट साम्राज्य को टूटने के कगार पर पहुंचा दिया। एसपी हिंदुजा ग्रुप ने 2013 में Banca Commerciale Lugano को खरीदा था और इसका हिंदुजा बैंक (स्विट्जरलैंड) में विलय कर दिया था। बाद में इसका नाम बदल दिया गया था। श्रीचंद हिंदुजा इसके फाउंडिंग चेयरमैन बने थे। उनके भाइयों का आरोप है कि श्रीचंद का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और इसका फायदा उठाकर उनकी बेटियां उनकी इच्छा के उलट काम कर रही हैं। श्रीचंद हिंदुजा डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से ग्रसित थे।

सबसे अमीर परिवार

स्विस बैंक हिंदुजा ग्रुप की बाकी कंपनियों के मुकाबले बहुत छोटा है लेकिन इसमें अहम क्रॉस होल्डिंग्स है। अशोक लीलैंड में इसकी 4.98 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा मॉरीशस के इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIH) के एमेरिटस चेयरमैन एसपी हिंदुजा थे। इसकी इंडसडइंड बैंक में 12.58 फीसदी हिस्सेदारी है। साथ ही आईआईएच की हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस और इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशनंस लिमिटेड में भी हिस्सेदारी है। अभी इसके चेयरमैन अशोक हिंदुजा हैं। शानू और वीनू हिंदुजा के पास लिस्टेड कंपनी हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस के भी शेयर हैं। यह प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा है।

पिछले साल जून में श्रीचंद हिंदुजा के वकीलों ने कहा था कि परिवार इस समझौते को खत्म करने पर सहमत है। इस समझौते के खत्म होते ही परिवार के बंटवारे का रास्ता भी साफ हो गया था। इस ग्रुप के दर्जनों कंपनियां हैं। कंपनी का कारोबार ट्रक बनाने से लेकर, बैंकिंग, केमिकल्स, पावर, मीडिया और हेल्थकेयर तक फैला है। ग्रुप की कंपनियों में अशोक लीलेंड और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। हिंदुजा परिवार ब्रिटेन का सबसे अमीर परिवार है। Sunday Times Rich List के मुताबिक एसपी हिंदुजा और उनके छोटे भाई गोपीचंद 2022 में लगातार चौथी बार ब्रिटेन के अमीरों की लिस्ट में पहले नंबर पर रहे। उनकी नेटवर्थ 36 अरब डॉलर थी। उनके पास लंदन में लाखों डॉलर की प्रॉपर्टी शामिल है।

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