मणिपुर-मिजोरम के 5,800 ब्नेई मेनाशे लोगों की इजराइल वापसी

Updated on 01-01-2026 12:53 PM

मणिपुर और मिजोरम में बसे ब्नेई मेनाशे समुदाय (यहूदी) के करीब 5,800 लोगों की इजराइल वापसी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इजराइली कैबिनेट की ओर से ढाई सौ करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद चरणबद्ध तरीके से समुदाय को इजराइल ले जाया जाएगा।

2026 तक समुदाय के 1,200 लोग इजराइल भेजे जाएंगे। जबकि, 2030 तक पूरी ‘घर वापसी’ का लक्ष्य रखा गया है। पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों में बसा यह समुदाय खुद को बाइबिल की ‘दस खोई हुई जनजातियों’ में से मेनाशे का वंशज मानता है।

2700 साल पहले असिरियन निर्वासन के बाद वे पूर्व की ओर बढ़े और अंत में भारत में बस गए। इजराइल सरकार की नई योजना से उनकी ‘घर वापसी’ तेज हो रही है। इसके तहत 2030 तक पूरी कम्युनिटी को इजराइल में बसाया जाएगा। हालांकि इस तेजी के पीछे मणिपुर की जातीय हिंसा की त्रासदी भी छिपी बताई जा रही है।

मणिपुर के चुराचंदपुर, मिजोरम के आइजोल में मुख्य रूप से रिहा​इश 

भारत में ब्नेई मेनाशे की कुल आबादी कभी 12,000 थी। लेकिन, अब मणिपुर में करीब 4,000 और मिजोरम में करीब 1,800 बचे हैं। इनमें ज्यादातर चुराचंदपुर (मणिपुर) और आइजोल (मिजोरम) में है। ज्यूइश एजेंसी फॉर इजराइल की ओर से इनके स्क्रीनिंग के लिए दिसंबर 2025 में आईजोल में 9 रब्बियों की टीम पहुंची थी।

जाने वालों को इजराइल में परिवार, नौकरी और आवास की आस

जाने वाले सदस्यों को इजराइल में शांति और सुकून की उम्मीद है। मिजोरम के कम्युनिटी लीडर जेरेमिया एल. ह्नामते कहते हैं, हम ‘प्रॉमिस्ड लैंड’ लौट रहे हैं। मणिपुरा हिंसा ने हमें मजबूर किया, पर यह हमारी जड़ों की पुकार है। एक युवा सदस्य ने कहा, ‘यहां सुरक्षा नहीं, इजराइल में परिवार मिलन, नौकरी, आवास और हिब्रू शिक्षा मिलेगी।’

मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए।

बड़ी वजह: इजराइल की जड़ें और भू-राजनीतिक रणनीति

इजराइल में 1950 के दशक में दुनियाभर में यहूदी जड़ों की खोज शुरू हुई थी। इसके तहत 2005 में इजराइल के मुख्य रब्बी श्लोमो अमर ने यहूदी परंपराओं का पालन करने वाले इस समुदाय को धार्मिक मान्यता दी। इजराइल इसे धार्मिक पुनर्मिलन मानता है।

इसके अलावा, उसकी योजना इस समुदाया को गलील क्षेत्र में बसाने की है जिससे उसकी उत्तरी सीमा मजबूत होगी। ऐसे में आस्था, सुरक्षा और रणनीतिक अहमियत की संभावना के कारण ब्नेई मेनाशे को प्राथमिकता दी गई है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे महत्वपूर्ण जियोनिस्ट फैसला माना है।

भारत में यहूदी कब, कैसे और क्यों आए

यहूदियों का भारत तक आना कई सदियों तक हुए हमलों और जबरन विस्थापन का नतीजा था। 722 ईसा पूर्व में असिरिया साम्राज्य ने नॉर्थ इजराइल पर हमला किया और दस जनजातियों को वहां से निकाल दिया। 586 ईसा पूर्व में बाबिलोन साम्राज्य ने यरूशलेम का पहला मंदिर तोड़ा और लोगों को बंदी बनाकर बाबिलोन ले गया।

70 ईस्वी और 135 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने दूसरा मंदिर नष्ट किया और यहूदियों को अलग-अलग देशों में बिखेर दिया। इन्हीं लगातार हमलों और डर के माहौल के कारण कई यहूदी सुरक्षित जगहों की तलाश में दुनिया भर में फैले। भारत उन देशों में से एक था जहां उन्हें सुरक्षा और स्वतंत्रता मिली।

भारत में यहूदी समुद्री रास्ते से केरल पहुंचे और कोचीन में बस गए। यह भारत में यहूदियों की सबसे पुरानी बस्ती मानी जाती है। 18वीं और 19वीं सदी में इराक और सीरिया क्षेत्र से कई यहूदी परिवार भारत आए। इन्हें बगदादी यहूदी कहा जाता है।

ये मुख्य रूप से मुंबई, कोलकाता और पुणे में बसे और व्यापार में सक्रिय रहे। मणिपुर और मिजोरम में रहने वाला ब्नेई मेनाशे समुदाय दावा करता है कि वे प्राचीन इजराइल की मेनाशे जनजाति के वंशज हैं। इतिहासकारों के अनुसार यह समुदाय पिछले 300–500 साल में भारत आया होगा।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 18 September 2026
बैंगलुरू: इंडियन एयरफोर्स को आज (शुक्रवार) दो LCA मार्क-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और तीन बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT40 की डिलीवरी हो जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ये कार्यक्रम…
 18 September 2026
नई दिल्ली: पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने से 7 लोगों की…
 18 September 2026
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू किया है, जिसके जरिए वे मोटी कमाई…
 18 September 2026
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जजों, एमिकस क्यूरी (अदालत के सलाहकार) और वकीलों के खिलाफ मिली बड़ी संख्या में गुमनाम शिकायतों को गंभीरता से लिया है। यह घटनाक्रम तब हुआ…
 18 September 2026
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश में मात्र आधे घंटे का समय अंतराल है। बांग्लादेश की घड़ी भारत से आधे घंटे आगे है। लेकिन, बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र…
 18 September 2026
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले यादगार तोहफों की ई-नीलामी के आठवें एडिशन में बिक्री के लिए रखी गई चीजों में कर्नाटक से आई भगवान राम की चांदी की…
 18 September 2026
नई दिल्ली/बेंगलुरु: भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू उन्नत विमान तेजस Mk1A में अब भी कई दिक्कतें रह गई हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के CMD रवि के. ने गुरुवार को…
 18 September 2026
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। इस बीच अमेरिकी कांग्रेस ने एक ऐसा कानून पारित क‍िया है, जिसके तहत रूस से तेल और…
 17 September 2026
श्रीधर वेम्बू (जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और पूर्व सीईओ)भारत की तेजी से विकसित हो रही डीप टेक क्षमता के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता का बड़ा योगदान…
Advt.