
अफगानिस्तान की टीम का कायापलट करने में पूर्व भारतीय कप्तान अजय जडेजा का बड़ा योगदान है। विश्व कप शुरू होने से ठीक पहले ही अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें अपना मेंटॉर नियुक्त किया था। अजय जडेजा ने खिलाड़ियों में जीत का ऐसा विश्वास भरा कि टीम कमाल करने लगी। भारतीय हालातों से यहां के पिचों से जडेजा अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसका फायदा टीम को मिल रहा है।
लंबे समय तक इंग्लैंड क्रिकेट टीम के सफल बल्लेबाजों में शुमार रहे जोनाथन ट्रॉट अफगानिस्तान के हेड कोच हैं। साउथ अफ्रीका में जन्मे ट्रॉट ने इंग्लैंड के लिए 52 टेस्ट में 44.08 की औसत से 3835 रन बनाए हैं, जिसमें नौ शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं। 68 वनडे मैच में चार शतक और 22 अर्धशतक बनाने वाले ट्रॉट जब कोच बने तभी अफगानिस्तान में तख्ता पलट हुआ था। तालिबान की सरकार बनी। इसके बावजूद वह टीम को एकजुट बनाने में सफल रहे, इसका असर नजर आ रहा है।
अफगानिस्तान ने अपने जिन खिलाड़ियों के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में एंट्री की थी, रईस अहमदजई उनमें से एक थे। पांच वनडे और आठ टी-20 इंटरनेशनल खेलने के बाद रईस ने जल्द ही संन्यास ले लिया। अहमदजई ने राष्ट्रीय टीम में कोचिंग के साथ-साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य चयनकर्ता की भूमिका भी निभाई है। 8 अगस्त 2020 को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अहमदाजई को क्रिकेट निदेशक नियुक्त किया था। फिलहाल वह अपने अनुभव बतौर असिस्टेंट कोच अफगानिस्तान टीम को दे रहे हैं।
अफगानिस्तान सिर्फ बैटिंग और बॉलिंग में ही नहीं बल्कि फील्डिंग में भी कमाल कर रही है। टीम के फील्डिंग कोच रियान मैरोन हैं। 49 वर्षीय मैरोन साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर हैं, जिन्होंने 1996/97 सीजन में वेस्टर्न प्रांत के लिए पदार्पण किया था। मैरोन ने गैरी कर्स्टन, हर्शल गिब्स और जैक्स कैलिस जैसे खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेला।