
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, स्कूलों में प्राथमिक शिक्षक के आठ हजार और माध्यमिक शिक्षक के 50 हजार पद खाली हैं। अंग्रेजी, गणित, हिंदी जैसे मुख्य विषयों में तीन गुना पद खाली हैं। शिक्षकों का पद खाली रहने का असर स्कूलों के परीक्षा परिणाम पर पड़ रहा है।
पिछले वर्ष पांचवीं व आठवीं बोर्ड परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषयों में सबसे अधिक विद्यार्थी फेल हुए हैं। पिछली बार 2018 में शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग के पांच हजार रिक्त पदों पर भर्ती हुई थी। उसके बाद से कभी शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई।
स्कूलों में अंग्रेजी विषय के 23 हजार 300 पद खाली हैं और चयन परीक्षा 1970 पद के लिए ली जा रही है। ऐसे ही गणित विषय के लिए 1470 पद निकाले गए हैं, जबकि गणित के शिक्षकों के 12 हजार 900 पद खाली है।