इंदौर-सनावद गेज परिवर्तन के लिए लोकेशन सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब पातालपानी से बलवाड़ा तक रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस लिमिटेड (राइट्स) द्वारा जेआइ सर्वे किया जा रहा है, जो अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। इसमें 21 सुरंगें और पुल-पुलियाएं बनाई जाना हैं। इसके लिए पश्चिम रेलवे दो महीने बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा। इस रूट पर मालगाड़ी चलाई जानी है, इसलिए ग्रेडिएंट परिवर्तन किया जा रहा है। अब 1:150 का सर्वे कराया जा रहा है।
पश्चिम रेलवे के जीएम अशोक कुमार मिश्र, रतलाम मंडल के डीआरएम रजनीश कुमार और राइट्स के एमडी राहुल मित्तल ने बुधवार सुबह महू में अवलोकन किया। इसके बाद इंदौर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें पातालपानी से बलवाड़ा तक किए जाने वाले गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट की सर्वे रिपोर्ट और अन्य विषयों पर चर्चा हुई। पश्चिम रेलवे के जीएम मिश्र ने कहा कि महू से खंडवा को जोड़ने के लिए लोकेशन सर्वे पूरा हो गया है। अब पातालपानी से बलवाड़ा के बीच जीआइ सर्वे कराया जा रहा है। इसकी फाइनल सर्वे रिपोर्ट अगस्त तक आ जाएगी। दो महीने बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे, ताकि सर्वे रिपोर्ट आते ही काम शुरू हो सके।
पीथमपुर सुरंग का काम देखा
पश्चिम रेलवे के जीएम मिश्र और डीआरएम रजनीश कुमार ने पीथमपुर में बन रही तीन किमी लंबी सुरंग का काम देखा। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता में शामिल किया है। जून 2024 में धार तक ट्रेन चलाने के लक्ष्य को लेकर काम किया जा रहा है। इस रूट पर अर्थवर्क का काम किया जा रहा है।
धार-झाबुआ के बीच सर्वे
पश्चिम रेलवे के जीएम मिश्र ने कहा कि एक रूट वडोदरा से धार आकर मिलेगा। इसका कार्य चल रहा है, जबकि दूसरा रूट धार से झाबुआ जाएगा। इसके बीच वन विभाग की जमीन और अन्य बाधाएं हैं। इसके लिए राइट्स को सर्वे का काम सौंपा है। धार और झाबुआ के बीच तीन सुरंगें भी बनेंगी। इनकी लंबाई कम कर दी गई है।
पहाड़ों पर किया जा रहा सर्वे
पातालपानी से बलवाड़ा के बीच रेल लाइन के लिए राइट्स की टीम जेआइ सर्वे कर रही है। इसके लिए कर्मचारी पहाड़ों की चोटियों पर चढ़कर सर्वे कर रहे हैं, तो गहरी खाई में जाकर मिलान किया जा रहा है। सर्वे के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।