
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज विधानसभा में बजट पेश किया। यह शिवराज सरकार के चौथे कार्यकाल का अंतिम बजट है। जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है। बजट में महिला, यूथ और किसानों पर फोकस किया गया है। खासकर महिलाओं के लिए शिवराज सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। महिलाओं के लिए अलग-अलग योजनाओं में 1.02 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी बजट है। इसमें स्टूडेंट्स को भी ध्यान में रखा गया है। फर्स्ट डिविजन से 12वीं पास करने वाली छात्राओं को ई-स्कूटी दी जाएगी। बेरोजगारों को 1 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। मध्यप्रदेश के तीर्थ स्थलों पर हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। डेवलपर के साथ जमीन के अनुबंध पर लगने वाली स्टाम्प डयूटी को 2.5% से घटाकर 1.5% किया गया है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए 15 साल पुरानी सरकारी गाड़ियां प्रदेश में अब नहीं चल सकेंगी। अप्रैल से नीति लागू हो जाएगी।
यह बजट (2023-2024) 3 लाख 14 हजार 25 करोड़ रुपए का है। पिछले साल (2022-23) में बजट 2 लाख 79 हजार 697 करोड़ रुपए का था। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री 1 घंटा 50 मिनट बोले। खास बात यह है कि मप्र में पहली बार ई-बजट (पेपरलेस) बजट आया। विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने इसे टैबलेट पर पढ़ा। मंत्रियों और विधायकों को भी टैबलेट दिए गए थे। बजट भाषण के बाद विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। बजट के लिए 4 हजार से ज्यादा सुझाव सरकार को मिले थे।
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने पर कांग्रेस का वॉकआउट, गृहमंत्री बोले- आपके नेता दिल्ली में बोल नहीं पाते क्या?
बजट भाषण के बीच गैस सिलेंडर लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, वे कहते हैं कि महिलाओं को 1000 रुपए देंगे, लेकिन गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए। हंगामे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष से अनुरोध करते हुए कहा, बजट भाषण पूरा प्रदेश सुनना चाहता है।
सदन के बाहर कमलनाथ बोले- मुझे कई बजट सुनने का मौका मिला, लेकिन 50 रुपए सिलेंडर के दाम बढ़ाने की महंगाई मिली। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- राज्य सरकार ने सिलेंडर पर दाम नहीं बढ़ाए। आपके नेता दिल्ली में बोल नहीं पाते क्या? वित्त मंत्री बोले- कपड़े फाड़ने का काम मत करो।
महिलाओं को एक हजार रुपए महीना
सरकारी वाहन नहीं चलेंगे
छात्राओं को ई-स्कूटी
किसानों का कर्ज भरेगी सरकार
MBBS की सीटें बढ़ी
एक लाख युवाओं को नौकरी
फ्लाइट से तीर्थ दर्शन
भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क
महाकाल के आह्वान से शुरुआत, चाणक्य का सूत्र भी पढ़ा
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण से पहले महाकाल का आह्वान किया। कहा- भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग यजामहे, हे पारब्रह्म शिव शंभू दयामहे..., जय श्री महाकाल, जय-जय श्री महाकाल। उन्होंने कहा- हमारी सरकार हर वर्ग को विकास की धारा में जोड़ने के प्रयास कर रही है। सरकार की विशेषता बताते हुए कहा- हिमगिरी सा श्वेत धवल जीवन, विश्वास अटल विंध्याचल सा...। वित्त मंत्री ने चाणक्य का सूत्र भी पढ़ा- 'सुखस्य मूलं धर्मः। धर्मस्य मूलं अर्थः। अर्थस्य मूलं राज्यं। राज्यस्य मूलं इन्द्रियजयः। इसका अर्थ है- सुख का मूल है, धर्म। धर्म का मूल है, अर्थ। अर्थ का मूल है, राज्य। राज्य का मूल है, इन्द्रियों पर विजय।
विधानसभा में कब - क्या हुआ...
लक्ष्मण सिंह बोले- बजट भाभी ने बनाया या भैया ने...
23 साल में 20 गुना बढ़ा बजट
प्रदेश में पिछले 23 साल में बजट में 20 गुना वृद्धि हुई है। 2000 में मध्यप्रदेश सरकार ने 16 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया था। 2022 में सरकार ने 2.79 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया।